आंख रहते हुए अन्धों को और कान रहते हुए बहिरों को निकाल ले आओ!
7हर एक को जो मेरा कहलाता है, जिसको मैं ने अपनी महिमा के लिये सृजा, जिसको मैं ने रचा और बनाया है।।
8आंख रहते हुए अन्धों को और कान रहते हुए बहिरों को निकाल ले आओ!
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