यरूशलेम के राजा, दाऊद के पुत्रा और उपदेशक के वचन।
1यरूशलेम के राजा, दाऊद के पुत्रा और उपदेशक के वचन।
2उपदेशक का यह वचन है, कि व्यर्थ ही व्यर्थ, व्यर्थ ही व्यर्थ! सब कुछ व्यर्थ है।
3उस सब परिश्रम से जिसे मनुष्य धरती पर करता है, उसको क्या लाभ प्राप्त होता है?
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