और जब वे बाहरी आंगन में लोगों के पास निकलें, तब जो वस्त्रा पहिने हुए वे सेवा टहल करते थे, उन्हें उतारकर और पवित्रा कोठरियों में रखकर दूसरे वस्त्रा पहिनें, जिस से लोग उनके वस्त्रों के कारण पवित्रा न ठहरें।
19और जब वे बाहरी आंगन में लोगों के पास निकलें, तब जो वस्त्रा पहिने हुए वे सेवा टहल करते थे, उन्हें उतारकर और पवित्रा कोठरियों में रखकर दूसरे वस्त्रा पहिनें, जिस से लोग उनके वस्त्रों के कारण पवित्रा न ठहरें।
20और न तो वे सिर मुण्डाएं, और न बाल लम्बे होने दें; वे केवल अपने बाल कटाएं।
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