और यदि मेरा भी जाना उचित हुआ, तो वे मेरे साथ जाएंगे।
2सप्ताह के पहिले दिन तुम में से हर एक अपनी आमदनी के अनुसार कुछ अपने पास रख छोड़ा करे, कि मेरे आने पर चन्दा न करना पड़े।
3और जब मैं आऊंगा, तो जिन्हें तुम चाहोगे उन्हें मैं चिटि्ठयां देकर भेज दूंगा, कि तुम्हारा दान यरूशलेम पहुंचा दें।
4और यदि मेरा भी जाना उचित हुआ, तो वे मेरे साथ जाएंगे।
5और मैं मकिदुनिया होकर तो जाना ही है।
6परन्तु सम्भव है कि तुम्हारे यहां ही ठहर जाऊं और शरद ऋतु तुम्हारे यंहा काटूं, तब जिस ओर मेरा जाना हो, उस ओर तुम मुझे पहुंचा दो।
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