और यहोशापात बहुत ही बढ़ता गया और उस ने यहूदा में किले और भण्डार के नगर तैयार किए।
12और यहोशापात बहुत ही बढ़ता गया और उस ने यहूदा में किले और भण्डार के नगर तैयार किए।
13और यहूदा के नगरों में उसका बहुत काम होता था, और यरूशलेम में उसके योठ्ठा अर्थात् शूरवीर रहते थे।
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