एज्रा 6:16

इस्राएली, अर्थात् याजक लेवीय और और जितने बन्धुआई से आए थे उन्हों ने परमेश्वर के उस भवन की प्रतिष्ठा उत्सव के साथ की।

प्रसंग सहित पढ़ें · एज्रा 6

14तब यहूदी पुरनिये, हाग्गै नबी और इद्दॊ के पोते जकर्याह के नबूवत करने से मन्दिर को बनाते रहे, और कृतार्थ भी हुए। ओर इस्राएल के परमेश्वर की आज्ञा के अनुसार और फारस के राजा कुस्रू, दारा और अर्तक्षत्रा की आज्ञाओं के अनुसार बनाते बनाते उसे पूरा कर लिया।

15इस प्रकार वह भवन राजा दारा के राज्य के छठवें वर्ष में अदार महीने के तीसरे दिन को बनकर समाप्त हुआ।

16इस्राएली, अर्थात् याजक लेवीय और और जितने बन्धुआई से आए थे उन्हों ने परमेश्वर के उस भवन की प्रतिष्ठा उत्सव के साथ की।

17और उस भवन की प्रतिष्ठा में उन्हों ने एक सौ बैल और दो सौ मेढ़े और चार सौ मेम्ने और फिर सब इस्राएल के निमित्त पापबलि करके इस्राएल के गोत्रों की गिनती के अनुसार बारह बकरे चढ़ाए।

18तब जैसे मूसा की पुस्तक में लिखा है, वैसे ही उन्हों ने परमेश्वर की आराधना के लिये जो यरूशलेम में है, बारी बारी से शजकों और दल दल के लेवियों को नियुक्त कर दिया।

एज्रा 6 पूरा पढ़ें

इस पद को अन्य भाषाओं में भी पढ़ें

KJV தமிழ் తెలుగు ಕನ್ನಡ