और ज्योति अन्धकार में चमकती है; और अन्धकार ने उसे ग्रहण न किया।
4उस में जीवन था; और वह जीवन मुनष्यों की ज्योति थी।
5और ज्योति अन्धकार में चमकती है; और अन्धकार ने उसे ग्रहण न किया।
6एक मनुष्य परमेश्वर की ओर से आ उपस्थित हुआ जिस का नाम यूहन्ना था।
7यह गवाही देने आया, कि ज्योति की गवाही दे, ताकि सब उसके द्वारा विश्वास लाएं।
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