हम मिट नहीं गए; यह यहोवा की महाकरूणा का फल है, क्योंकि उसकी दया अमर है।
20मैं उन्हीं पर सोचता रहता हूँ, इस से मेरा प्राण ढला जाता है।
21परन्तु मैं यह स्मरण करता हूँ, इसीलिये मुझे आशा हैे
22हम मिट नहीं गए; यह यहोवा की महाकरूणा का फल है, क्योंकि उसकी दया अमर है।
23प्रति भोर वह नई होती रहती है; तेरी सच्चाई महान है।
24मेरे मन ने कहा, यहोवा मेरा भाग है, इस कारण मैं उस में आशा रखूंगा।
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