यहेजकेल 34:6

मेरी भेड़- बकरियां तितर- बितर हुई है; वे सारे पहाड़ों और ऊंचे ऊंचे टीलों पर भटकती थीं; मेरी भेड़- बकरियां सारी पृथ्वी के ऊपर तितर- बितर हुई; और न तो कोई उनकी सुधि लेता था, न कोई उनको ढूंढ़ता था।

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4तुम ने बीमारों को बलवान न किया, न रोगियों को चंगा किया, न घयलों के घावों को बान्धा, न निकाली हुई को फेर लाए, न खोइ्रर् इई को खोजा, परन्तु तुम ने बल और जबरदस्ती से अधिकार चलाया है।

5वे चरवाहे के न होने के कारण तितर- बितर हुई; और सब वनपशुओं का आहार हो गई।

6मेरी भेड़- बकरियां तितर- बितर हुई है; वे सारे पहाड़ों और ऊंचे ऊंचे टीलों पर भटकती थीं; मेरी भेड़- बकरियां सारी पृथ्वी के ऊपर तितर- बितर हुई; और न तो कोई उनकी सुधि लेता था, न कोई उनको ढूंढ़ता था।

7इस कारण, हे चरवाहो, यहोवा का वचन सुनो।

8परमेश्वर यहोवा की यह वाणी है, मेरे जीवन की सौगन्ध, मेरी भेड़- बकरियां जो लुट गई, और मेरी भेड़- बकरियां जो चरवाहे के न होने के कारण सब वनपशुओं का आहार हो गई; और इसलिये कि मेरे चरवाहों ने मेरी भेड़- बकरियों की सुधि नहीं ली, और मेरी भेड़- बकरियों का पेट नहीं, अपना ही अपना पेट भरा;

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