देश देश के लोगों में से जितने तुझे जानते हैं सब तेरे कारण विस्मित हुए; तू भय का कारण हुआ है और फिर कभी पाया न जाएगा।
19देश देश के लोगों में से जितने तुझे जानते हैं सब तेरे कारण विस्मित हुए; तू भय का कारण हुआ है और फिर कभी पाया न जाएगा।
20यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचा,
21हे मनुष्य के सन्तान, अपना मुख सीदोन की ओर करके उसके विरूद्ध भविष्यद्वाणी कर,
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