क्योंकि परमशॆवर का राज्य बातों में नहीं, परन्तु सामर्थ में है।
18कितने तो उसे फूल गए हैं, मानों मैं तुम्हारे पास आने ही का नहीं।
20क्योंकि परमशॆवर का राज्य बातों में नहीं, परन्तु सामर्थ में है।
21तुम क्या चाहते हो? क्या मैं छड़ी लेकर तुम्हारे पास आऊं या प्रेम और नम्रता की आत्मा के साथ?
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