जब तेरह दो सौ पांच वर्ष का हुआ, तब वह हारान देश में मर गया।।
30सारै तो बांझ थी; उसके संतान न हुई।
31और तेरह अपना पुत्रा अब्राम, और अपना पोता लूत जो हारान का पुत्रा था, और अपनी बहू सारै, जो उसके पुत्रा अब्राम की पत्नी थी इन सभों को लेकर कस्दियों के ऊर नगर से निकल कनान देश जाने को चला; पर हारान नाम देश में पहुचकर वहीं रहने लगा।
32जब तेरह दो सौ पांच वर्ष का हुआ, तब वह हारान देश में मर गया।।
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