कि तू ने मेरे लड़केबाले उन मूरतों के आगे आग में चढ़ाकर घात किए हैं?
19और जो भोजन मैं ने तुझे दिया था, अर्थात् जो मैदा, तेल और मधु मैं तुझे खिलाता था, वह सब तु ने उनके साम्हने सुखदायक सुगत्ध करके रखा; प्रभु यहोवा की यही वाणी है कि यों ही हुआ।
20फिर तू ने अपने पुत्रा- पुत्रियां लेकर जिन्हें तू ने मेरे लिये जन्म दिया, उन मूरतों को नैवेद्य करके चढ़ाई। क्या तेरा व्सभिचार ऐसी छोटी बात थीं;
21कि तू ने मेरे लड़केबाले उन मूरतों के आगे आग में चढ़ाकर घात किए हैं?
22और तू ने अपने सब घृणित कामों में और व्यभिचार करते हुए, अपने बचपन के दिनों की कभी सुधि न ली, जब कि तू नंगी अपने लोहू में लोटनी थी।
23और तेरी उस सारी बुराई के पीछे क्या हुआ?
इस पद को अन्य भाषाओं में भी पढ़ें