परन्तु बुध्दि कहां मिल सकती है? और समझ का स्थान कहां है?
10वह चट्टान खोदकर नालियां बनाता, और उसकी आंखों को हर एक अनमोल वस्तु दिखाई पड़ती है।
12परन्तु बुध्दि कहां मिल सकती है? और समझ का स्थान कहां है?
13उसका मोल मनुष्य को मालूम नहीं, जीवनलोक में वह कहीं नहीं मिलती !
14अथाह सागर कहता है, वह मुझ में नहीं है, और समुद्र भी कहता है, वह मेरे पास नहीं है।
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