जकर्याह 8:18

फिर सेनाओं के यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचा,

प्रसंग सहित पढ़ें · जकर्याह 8

16जो जो काम तुम्हें करना चाहिये, वे ये हैं: एक दूसरे के साथ सत्य बोला करना, अपनी कचहरियों में सच्चाई का और मेलमिलाप की नीति का न्याय करना,

17और अपने अपने मन में एक दूसरे की हानि की कल्पना न करना, और झूठी शपथ से प्रीति न रखना, क्योंकि इन सब कामों से मैं धृणा करता हूं, यहोवा की यही वाणी है।।

18फिर सेनाओं के यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचा,

19सेनाओं का यहोवा यों कहता है: चौथे, पांचवें, सातवें और दसवें महीने में जो जो उपवास के दिन होते हैं, वे यहूदा के घराने के लिये हर्ष और आनन्द और उत्सव के पर्वों के दिन हो जाएगें; इसलिये अब तुम सच्चाई और मेलमिलाप से प्रीति रखो।।

20सेनाओं का यहोवा यों कहता है, ऐसा समय आनेवाला है कि देश देश के लोग और बहुत नगरों के रहनेवाले आएंगे।

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