मीका 2:3

इस कारण, यहोवा यों कहता है, मैं इस कुल पर ऐसी विपत्ति डालने पर हूं, जिस के नीचे से तुम अपनी गर्दन हटा न सकोगे; क्योंकि वह विपत्ति का समय होगा।

प्रसंग सहित पढ़ें · मीका 2

1हाय उन पर, जो बिछौनों पर पड़े हुए बुराइयों की कल्पना करते और दुष्ट कर्म की इच्छा करते हैं, और बलवन्त होने के कारण भोर को दिन निकलते ही वे उसको पूरा करते हैं।

2वे खेतों का लालच करके उन्हें छली लेते हैं, और घरों का लालच करके उन्हें भी ले लेते हैं; और उसके घराने समेत पुरूष पर, और उसके निज भाग समेत किसी पुरूष पर अन्धेर और अत्याचार कहते हैं।

3इस कारण, यहोवा यों कहता है, मैं इस कुल पर ऐसी विपत्ति डालने पर हूं, जिस के नीचे से तुम अपनी गर्दन हटा न सकोगे; क्योंकि वह विपत्ति का समय होगा।

4उस समय यह अत्यन्त शोक का गीत दृष्टान्त की रीति पर गाया जाएगा: हम तो सर्वनाश हो गए; वह मेरे लोगों के भाग को बिगाड़ता है; हाय, वह उसे मुझ से कितनी दूर कर देता है! वह हमारे खेत बलवा करनेवाले को दे देता है।

5इस कारण तेरा ऐसा कोई न हो, जो यहोवा की मण्डली में चिट्ठी डालकर नापने की डोरी डाले।।

मीका 2 पूरा पढ़ें

इस पद को अन्य भाषाओं में भी पढ़ें

KJV தமிழ் తెలుగు ಕನ್ನಡ