नीति वचन 22:4

नम्रता और यहोवा के भय मानने का फल धन, महिमा और जीवन होता है।

प्रसंग सहित पढ़ें · नीति वचन 22

नीति वचन 22 पूरा पढ़ें

इस पद को अन्य भाषाओं में भी पढ़ें

KJV தமிழ் తెలుగు ಕನ್ನಡ