और यदि कोई परदेशी तुम्हारे देश में तुम्हारे संग रहे, तो उसको दु:ख न देना।
33और यदि कोई परदेशी तुम्हारे देश में तुम्हारे संग रहे, तो उसको दु:ख न देना।
35तुम न्याय में, और परिमाण में, और तौल में, और नाप में कुटिलता न करना।
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