व्यवस्थाविवरण 16:11

और उस स्थान में जो तेरा परमेश्वर यहोवा अपने नाम का निवास करने को चुन ले अपने अपने बेटे- बेटियों, दास- दासियों समेत तू और तेरे फाटकों के भीतर जो लेवीय हों, और जो जो परदेशी, और अनाथ, और विधवाएं तेरे बीच में हों, वे सब के सब अपने परमेश्वर यहोवा के साम्हने आनन्द करें।

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9फिर जब तू खेत में हंसुआ लगाने लगे, तब से आरम्भ करके सात अठवारे गिनना।

10तब अपने परमेश्वर यहोवा की आशीष के अनुसार उसके लिये स्वेच्छा बलि देकर अठवारों नाम पर्व्व मानना;

11और उस स्थान में जो तेरा परमेश्वर यहोवा अपने नाम का निवास करने को चुन ले अपने अपने बेटे- बेटियों, दास- दासियों समेत तू और तेरे फाटकों के भीतर जो लेवीय हों, और जो जो परदेशी, और अनाथ, और विधवाएं तेरे बीच में हों, वे सब के सब अपने परमेश्वर यहोवा के साम्हने आनन्द करें।

12और स्मरण रखना कि तू भी मि में दास था; इसलिये इन विधियों के पालन करने में चौकसी करना।।

13तू जब अपने खलिहान और दाखमधु के कुण्ड में से सब कुछ इकट्ठा कर चुके, तब झोपड़ियों का पर्व्व सात दिन मानते रहना;

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