होशे 7:14

वे मन से मेरी दोहाई नहीं देते, परन्तु अपने बिछौने पर पड़े हुए हाय, हाय, करते हैं; वे अन्न और नये दाखमधु पाने के लिये भीड़ लगाते, और मुझ से बलवा करते हैं।

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12जब वे जाएं, तब उनके ऊपर मैं अपना जाल फैलाऊंगा; मैं उन्हें ऐसा खींच लूंगा जैसे आकाश के पक्षी खींचे जाते हैं; मैं उनको ऐसी ताड़ना दूंगा, जैसी उनकी मण्डली सुन चुकी है।

13उन पर हाय, क्योंकि वे मेरे पास से भटक गए! उनका सत्यानाश होए, क्योंकि उन्हों ने मुझ से बलवा किया है! मैं तो उन्हें छुडाता रहा, परन्तु वे मुझ से झूठ बोलते आए हैं।।

14वे मन से मेरी दोहाई नहीं देते, परन्तु अपने बिछौने पर पड़े हुए हाय, हाय, करते हैं; वे अन्न और नये दाखमधु पाने के लिये भीड़ लगाते, और मुझ से बलवा करते हैं।

15मैं उनको शिक्षा देता रहा और उनकी भुजाओं को बलवन्त करता आया हूं, तौभी वे मेरे विरूद्ध बुरी कल्पना करते हैं।

16वे फिरते तो हैं, परन्तु परमप्रधान की ओर नहीं; वे धोखा देनेवाले धनुष के समान हैं; इसलिये उनके हाकिम अपनी क्रोधभरी बातों के कारण तलवार से मारे जाएंगे। मि देश में उनके ठट्ठों में उड़ाए जाने का यही कारण होगा।।

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