जलप्रलय के पश्चात् नूह साढ़े तीन सौ वर्ष जीवित रहा।
26फिर उस ने कहा, शेम का परमेश्वर यहोवा धन्य है, और कनान शेम का दास होवे।
27परमेश्वर येपेत के वंश को फैलाए; और वह शेम के तम्बुओं मे बसे, और कनान उसका दास होवे।
28जलप्रलय के पश्चात् नूह साढ़े तीन सौ वर्ष जीवित रहा।
29और नूह की कुल अवस्था साढ़े नौ सौ वर्ष की हुई : तत्पश्चात् वह मर गया।
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