और वे यरूशलेम को लौटे। और उस ने उनको आज्ञा दी, कि यहोवा का भय मानकर, सच्चाई और निष्कपट मन से ऐसा करना।
7अब यहोवा का भय तुम में बना रहे; चौकसी से काम करना, क्योंकि हमारे परमेश्वर यहोवा में कुछ कुटिलता नहीं है, और न वह किसी का पक्ष करता और न घूस लेता है।
8और यरूशलेम में भी यहोशापात ने लेवियों और याजकों और इस्राएल के पितरों के घरानों के कुछ मुख्य पुरूषों को यहोवा की ओर से न्याय करने और मुक मों को जांचने के लिये ठहराया।
9और वे यरूशलेम को लौटे। और उस ने उनको आज्ञा दी, कि यहोवा का भय मानकर, सच्चाई और निष्कपट मन से ऐसा करना।
10तुम्हारे भाई जो अपने अपने नगर में रहते हैं, उन में से जिसका कोई मुक मा तुम्हारे साम्हने आए, चाहे वह खून का हो, चाहे रयवस्था, अथवा किसी आज्ञा या विधि वा नियम के विषय हो, उनको चिता देना, कि यहोवा के विषय दोषी न होओ। बेसा न हो कि तुम पर और तुम्हारे भाइयों पर उसका क्रोध भड़के। ऐसा करो तो तुम दोषी न ठहरोगे।
11और देखो, यहोवा के विष्य के सब मुक मों में तो अमर्याह महायाजक और राजा के विषय के सब मुक मों में यहूदा के घराने का प्रधान इश्माएल का पुत्रा जबद्याह तुम्हारे ऊपर अधिकारी है; और लेवीय तुम्हारे साम्हने सरदारों का काम करेंगे। इसलिये हियाब बान्धकर काम करो और भले मनुष्य के साथ यहोवा रहेगा।
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