तब इब्राहीम ने उस देश के निवासियों के साम्हने दण्डवत की।
10और एप्रोन तो हित्तियों के बीच वहां बैठा हुआ था। सो जितने हित्ती उसके नगर के फाटक से होकर भीतर जाते थे, उन सभों के साम्हने उस ने इब्राहीम को उत्तर दिया,
11कि हे मेरे प्रभु, ऐसा नहीं, मेरी सुन; वह भूमि मैं तुझे देता हूं, और उस में जो गुफा है, वह भी मैं तुझे देता हूं; अपने जातिभाइयों के सम्मुख मैं उसे तुझ को दिए देता हूं: सो अपने मुर्दे को कब्र में रख।
12तब इब्राहीम ने उस देश के निवासियों के साम्हने दण्डवत की।
13और उनके सुनते हुए एप्रोन से कहा, यदि तू ऐसा चाहे, तो मेरी सुन : उस भूमि का जो दाम हो, वह मैं देना चाहता हूं; उसे मुझ से ले ले, तब मैं अपने मुर्दे को वहां गाडूंगा।
14एप्रोन ने इब्राहीम को यह उत्तर दिया,
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