और पुत्रा होने पर भी, उस ने दुख उठा उठाकर आज्ञा माननी सीखी।
6वह दूसरी जगह में भी कहता है, तू मलिकिसिदक की रीति पर सदा के लिये याजक है।
8और पुत्रा होने पर भी, उस ने दुख उठा उठाकर आज्ञा माननी सीखी।
9और सिद्ध बनकर, अपने सब आज्ञा माननेवालों के लिये सदा काल के उद्धार का कारण हो गया।
10और उसे परमेश्वर की ओर से मलिकिसिदक की रीति पर महायाजक का पद मिला।।
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