फिर बुध्दि कहां मिल सकती है? और समझ का स्थान कहां?
18मूंगे और स्फटिकमणि की उसके आगे क्या चर्चा ! बुध्दि का मोल माणिक से भी अधिक है।
19कूश देश के पद्मराग उसके तुल्य नहीं ठहर सकते; और न उस से चोखे कुन्दन की बराबरी हो सकती है।
20फिर बुध्दि कहां मिल सकती है? और समझ का स्थान कहां?
21वह सब प्राणियों की आंखों से छिपी है, और आकाश के पक्षियों के देखने में नहीं आती।
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