2 शमूएल 14:7

और यह सुन सब कुल के लोग तेरी दासी के विरुद्ध उठकर यह कहते हैं, कि जिस ने अपके भाई को घात किया उसको हमें सौंप दे, कि उसके मारे हुए भाई के प्राण के पलटे में उसको प्राण दणड दे? और वारिस को भी नाश करें। इस तरह वे मेरे अंगारे को जो बच गया है बुफाएंगे, और मेरे पति का ताम और सन्तान धरती पर से मिटा डालेंगे।

प्रसंग सहित पढ़ें · 2 शमूएल 14

5राजा ने उस से पूछा, तुझे क्या चाहिये? उस ने कहा, सचमुच मेरा पति मर गया, और मैं विधवा हो गई।

6और तेरी दासी के दो बेटे थे, और उन दोनों ने मैदान में मार पीट की; और उनको छुड़ानेवाला कोई न था, इसलिए एक ने दूसरे को ऐसा मारा कि वह मर गया।

7और यह सुन सब कुल के लोग तेरी दासी के विरुद्ध उठकर यह कहते हैं, कि जिस ने अपके भाई को घात किया उसको हमें सौंप दे, कि उसके मारे हुए भाई के प्राण के पलटे में उसको प्राण दणड दे? और वारिस को भी नाश करें। इस तरह वे मेरे अंगारे को जो बच गया है बुफाएंगे, और मेरे पति का ताम और सन्तान धरती पर से मिटा डालेंगे।

8राजा ने स्त्री से कहा, अपते घर जा, और मैं तेरे विषय आज्ञा दूंगा।

9तकोइन ने राजा से कहा, हे मेरे प्रभु, हे राजा, दोष मुझी को और मेरे पिता के घराने ही को लगे; और राजा अपनी गद्दी समेत निदष ठहरे।

2 शमूएल 14 पूरा पढ़ें

इस पद को अन्य भाषाओं में भी पढ़ें

KJV தமிழ் తెలుగు ಕನ್ನಡ