और यह सुन सब कुल के लोग तेरी दासी के विरुद्ध उठकर यह कहते हैं, कि जिस ने अपके भाई को घात किया उसको हमें सौंप दे, कि उसके मारे हुए भाई के प्राण के पलटे में उसको प्राण दणड दे? और वारिस को भी नाश करें। इस तरह वे मेरे अंगारे को जो बच गया है बुफाएंगे, और मेरे पति का ताम और सन्तान धरती पर से मिटा डालेंगे।
5राजा ने उस से पूछा, तुझे क्या चाहिये? उस ने कहा, सचमुच मेरा पति मर गया, और मैं विधवा हो गई।
7और यह सुन सब कुल के लोग तेरी दासी के विरुद्ध उठकर यह कहते हैं, कि जिस ने अपके भाई को घात किया उसको हमें सौंप दे, कि उसके मारे हुए भाई के प्राण के पलटे में उसको प्राण दणड दे? और वारिस को भी नाश करें। इस तरह वे मेरे अंगारे को जो बच गया है बुफाएंगे, और मेरे पति का ताम और सन्तान धरती पर से मिटा डालेंगे।
8राजा ने स्त्री से कहा, अपते घर जा, और मैं तेरे विषय आज्ञा दूंगा।
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