इसलिये तुम भी परदेशियों से प्रेम भाव रखना; क्योंकि तुम भी मि देश में परेदशी थे।
19इसलिये तुम भी परदेशियों से प्रेम भाव रखना; क्योंकि तुम भी मि देश में परेदशी थे।
20अपने परमेश्वर यहोवा का भय मानना; उसी की सेवा करना और उसी से लिपटे रहना, और उसी के नाम की शपथ खाना।
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