यशायाह 2:5

हे याकूब के घराने, आ, हम यहोवा के प्रकाश में चलें।।

प्रसंग सहित पढ़ें · यशायाह 2

3और बहुत देशों के लागे आएंगे, और आपस में कहेंगे: आओ, हम यहोवा के पर्वत पर चढ़कर, याकूब के परमेश्वर के भवन में जाएं; तब वह हमको अपने मार्ग सिखाएगा, और हम उसके पथों पर चलेंगे। क्योंकि यहोवा की व्यवस्था सिरयोन से, और उसका वचन यरूशलेम से निकलेगा।

4वह जाति जाति का न्याय करेगा, और देश देश के लोगों के झगड़ों को मिटाएगा; और वे अपनी तलवारें पीटकर हल के फाल और अपने भालों को हंसिया बनाएंगे; तब एक जाति दूसरी जाति के विरूद्ध फिर तलवार न चलाएगी, न लोग भविष्य में युद्ध की विद्या सीखेंगे।।

5हे याकूब के घराने, आ, हम यहोवा के प्रकाश में चलें।।

6तू ने अपनी प्रजा याकूब के घराने को त्याग दिया है, क्योंकि वे पूर्वियों के व्यवहार पर तन मन से चलते और पलिश्तियों की नाई टोना करते हैं, और परदेशियों के साथ हाथ मिलाते हैं।

7उनका देश चान्दी और सोने से भरपूर है, और उनके रथ अनगिनित हैं।

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