और उस में तेल डालना, और उसके ऊपर लोबान रखना; तब वह अन्नबलि हो जाएगा।
13फिर अपने सब अन्नबलियों को नमकीन बनाना; और अपना कोई अन्नबलि अपने परमेश्वर के साथ बन्धी हुई वाचा के नमक से रहित होने न देना; अपने सब चढ़ावों के साथ नमक भी चढ़ाना।।
14और यदि तू यहोवा के लिये पहिली उपज का अन्नबलि चढ़ाए, तो अपनी पहिली उपज के अन्नबलि के लिये आग से झुलसाई हुई हरी हरी बालें, अर्थात् हरी हरी बालों को मींजके निकाल लेना, तब अन्न को चढ़ाना।
15और उस में तेल डालना, और उसके ऊपर लोबान रखना; तब वह अन्नबलि हो जाएगा।
16और याजक सींजकर निकाले हुए अन्न को, और तेल को, और सारे लोबान को स्मरण दिलानेवाला भाग करके जला दे; वह यहोवा के लिये हवन ठहरे।।
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