और झूठे गवाह खड़े किए, जिन्हों ने कहा कि यह मनुष्य इस पवित्रा स्थान और व्यवस्था के विरोध में बोलना नहीं छोड़ता।
12और लोगों और प्राचीनों और शास्त्रियों को भड़काकर चढ़ आए और उसे पकड़कर महासभा में ले आए।
13और झूठे गवाह खड़े किए, जिन्हों ने कहा कि यह मनुष्य इस पवित्रा स्थान और व्यवस्था के विरोध में बोलना नहीं छोड़ता।
15तब सब लोगों ने जो सभा में बैठे थे, उस की ओर ताककर उसका मुखड़ा स्वर्गदूत का सा देखा।।
इस पद को अन्य भाषाओं में भी पढ़ें