क्योंकि कितने ऐसे मनुष्य चुपके से हम में आ मिले हैं, जिन से इस दण्ड का वर्णन पुराने समय में पहिले ही से लिखा गया था: ये भक्तिहीन हैं, और हमारे परमेश्वर के अनुग्रह को लुचपन में बदल डालते है, और हमारे अद्वैत स्वामी और प्रभु यीशु मसीह का इन्कार करते हैं।।
2दया और शान्ति और प्रेम तुम्हें बहुतायत से प्राप्त होता रहे।।
4क्योंकि कितने ऐसे मनुष्य चुपके से हम में आ मिले हैं, जिन से इस दण्ड का वर्णन पुराने समय में पहिले ही से लिखा गया था: ये भक्तिहीन हैं, और हमारे परमेश्वर के अनुग्रह को लुचपन में बदल डालते है, और हमारे अद्वैत स्वामी और प्रभु यीशु मसीह का इन्कार करते हैं।।
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