यहूदा और इस्राएल के लोग बहुत थे, वे समुद्र के तीर पर की बालू के किनकों के समान बहुत थे, और खाते- पीते और आनन्द करते रहे।
18और बिन्यामीन में एला का पुत्रा शिमी था।
20यहूदा और इस्राएल के लोग बहुत थे, वे समुद्र के तीर पर की बालू के किनकों के समान बहुत थे, और खाते- पीते और आनन्द करते रहे।
22और सुलैमान की एक दिन की रसोई में इतना उठता था, अर्थात् तीस कोर मैदा,
इस पद को अन्य भाषाओं में भी पढ़ें