व्यवस्थाविवरण 16:14

और अपने इस पर्व्व में अपने अपने बेटे बेटियों, दास- दासियों समेत तू और जो लेवीय, और परदेशी, और अनाथ, और विधवाएं तेरे फाटकों के भीतर हों वे भी आनन्द करें।

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12और स्मरण रखना कि तू भी मि में दास था; इसलिये इन विधियों के पालन करने में चौकसी करना।।

13तू जब अपने खलिहान और दाखमधु के कुण्ड में से सब कुछ इकट्ठा कर चुके, तब झोपड़ियों का पर्व्व सात दिन मानते रहना;

14और अपने इस पर्व्व में अपने अपने बेटे बेटियों, दास- दासियों समेत तू और जो लेवीय, और परदेशी, और अनाथ, और विधवाएं तेरे फाटकों के भीतर हों वे भी आनन्द करें।

15जो स्थान यहोवा चुन ले उस में तु अपने परमेश्वर यहोवा के लिये सात दिन तक पर्व्व मानते रहना; क्योंकि तेरा परमेश्वर यहोवा तेरी सारी बढ़ती में और तेरे सब कामों में तुझ को आशीष देगा; तू आनन्द ही करना।

16ुवर्ष में तीन बार, अर्थात् अखमीरी रोटी के पर्व्व, और अठवारों के पर्व्व, और झोपड़ियों के पर्व्व, इन तीनों पर्व्व में तुम्हारे सब पुरूष अपने परमेश्वर यहोवा के साम्हने उस स्थान में जो वह चुन लेगा जाएं। और देखो, छूछे हाथ यहोवा के साम्हने कोई न जाए;

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