नहेमायाह 5:11

आज ही अनको उनके खेत, और दाख, और जलपाई की बारियां, और घर फेर दो; और जो रूपया, अन्न, नया दाखमधु, और टटका तेल तुम उन से ले लेते हो, उसका सौवां भाग फेर दो?

प्रसंग सहित पढ़ें · नहेमायाह 5

9फिर मैं कहता गया, जो काम तुम करते हो वह अच्छा नहीं है; क्या तुम को इस कारण हमारे परमेश्वर का भय मानकर चलना न चाहिये कि हमारे शत्रु जो अन्यजाति हैं, वे हमारी नामधराई न करें?

10मैं भी और मेरे भाई और सेवक उनको रूपया और अनाज उधार देते हैं, परन्तु हम इसका ब्याज छोड़ दें।

11आज ही अनको उनके खेत, और दाख, और जलपाई की बारियां, और घर फेर दो; और जो रूपया, अन्न, नया दाखमधु, और टटका तेल तुम उन से ले लेते हो, उसका सौवां भाग फेर दो?

12अन्हों ने कहा, हम उन्हें फेर देंगे, और उन से कुछ न लेंगे; जैसा तू कहता है, वैसा ही हम करेंगे। तब मैं ने याजकों को बुलाकर उन लोगों को यह शपथ खिलाई, कि वे इसी वचन के अनुसार करेंगे।

13फिर मैं ने अपने कपड़े की छोर झाड़कर कहा, इसी रीति से जो कोई इस वचन को पूरा न करे, उसको परमेश्वर झाड़कर, उसका घर और कमाई उस से छुड़ाए, और इसी रीति से वह झाड़ा जाए, और छूछा हो जाए। तब सारी सभा ने कहा, आमेन ! और यहोवा की स्तुति की। और लोगों ने इस वचन के अनुसार काम किया।

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