और यहूदा का राजा यहोशापात यरूशलेम को अपने भवन में कुशल से लौट गया।
1और यहूदा का राजा यहोशापात यरूशलेम को अपने भवन में कुशल से लौट गया।
2तब हनानी नाम दश का पुत्रा येहू यहोशापात राजा से भेंट करने को निकला और उस से कहने लगा, क्या दुष्टों की सहायता करनी और यहोवा के बैरियों से प्रेम रखना चाहिये? इस काम के कारण यहोवा की ओर से तुझ पर क्रोध भड़का है।
3तौभी तुझ में कुछ अच्छी बातें पाई जाती हैं। तू ने तो देश में से अशेरों को नाश किया और उपने मन को परमेश्वर की खोज में लगाया है।
इस पद को अन्य भाषाओं में भी पढ़ें