सपन्याह 1:10

यहोवा की यह वाणी है, कि उस दिन मछली फाटक के पास चिल्लाहट का और नये टोले मिश्नाह में हाहाकार का और टीलों पर बड़े धमाके का शब्द होगा।

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8और यहोवा के यज्ञ के दिन, मैं हाकिमों और राजकुमारों को और जितने परदेश के वस्त्रा पहिना करते हैं, उनको भी दण्ड दूंगा।

9उस दिन मैं उन सभों को दण्ड दूंगा जो डेवढ़ी को लांघते, और अपने स्वामी के घर को उपद्रव और छल से भर देते हैं।।

10यहोवा की यह वाणी है, कि उस दिन मछली फाटक के पास चिल्लाहट का और नये टोले मिश्नाह में हाहाकार का और टीलों पर बड़े धमाके का शब्द होगा।

11हे मक्तेश के रहनेवालो, हाय, हाय, करो! क्योंकि सब व्योपारी मिट गए; जितने चान्दी से लदे थे, उन सब का नाश हो गया है।

12उस समय मैं दीपक लिए हुए यरूशलेम में ढूंढ- ढांढ़ करूंगा, और जो लोग दाखमधु के तलछट तथा मैल के समान बैठे हुए मन में कहते हैं कि यहोवा न तो भला करेगा और न बुरा, उनको मैं दण्ड दूंगा।

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