और जब वे अशुद्ध हो जाएं, तब उनके लिये सात दिन गिने जाएं और तब वे शुद्ध ठहरें,
24और जब कोई मुक़ मा हो तब न्याय करने को भी वे ही बैठें, और मेरे नियमों के अनुसार न्याय करें। मेरे सब नियत पब के विषय भी वे मेरी व्यवस्था और विधियां पालन करें, और मेरे विश्रामदिनों को पवित्रा मानें।
25वे किसी मनुष्य की लोथ के पास न जाएं कि अशुद्ध हो जाएं; केवल माता- पिता, बेटे- बेटी; भाई, और ऐसी बहिन की लोथ के कारण जिसका विवाह न हुआ हो वे अपने को अशुद्ध कर सकते हैं।
26और जब वे अशुद्ध हो जाएं, तब उनके लिये सात दिन गिने जाएं और तब वे शुद्ध ठहरें,
27और जिस दिन वे पवित्रास्थान अर्थात् भीतरी आंगन में सेवा टहल करने को फिर प्रवेश करें, उस निद अपने लिये पापबलि चढ़ाएं, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी हे।
28और उनका एक ही निज भाग होगा, अर्थात् उनका भाग मैं ही हूँ; तुम उन्हें इस्राएल के बीच कुछ ऐसी भूमि न देना जो उनकी निज हो; उनकी निज भूमि मैं ही हूँ।
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