वरन उन्हों ने अपने बेटे- बेटियों को पिशाचों के लिये बलिदान किया;
35वरन उन्हीं जातियों से हिलमिल गए और उनके व्यवहारों को सीख लिया;
36और उनकी मूत्तियों की पूजा करने लगे, और वे उनके लिये फन्दा बन गई।
37वरन उन्हों ने अपने बेटे- बेटियों को पिशाचों के लिये बलिदान किया;
39और वे आप अपने कामों के द्वारा अशुद्ध हो गए, और अपने कार्यों के द्वारा व्यभिचारी भी बन गए।।
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