उस ने इस प्रकार की चिट्ठी भी लिखी;
23और दो सूबेदारों को बुलाकर कहा; दो सौ सिपाही, सत्तर सवार, और दो सौ भालैत, पहर रात बीते कैसरिया को जाने के लिये तैयार कर रखो।
24और पौलुस की सवारी के लिये घोड़े तैयार रखो कि उसे फेलिक्स हाकिम के पास कुशल से पहुंचा दें।
25उस ने इस प्रकार की चिट्ठी भी लिखी;
26महाप्रतापी फेलिक्स हाकिम को क्लौदियुस लूसियास को नमस्कार;
27इस मनुष्य केा यहूदियों ने पकड़कर मार डालता चाहा, परन्तु जब मैं ने जाना कि रोमी है, तो पलटन लेकर छुड़ा लाया।
इस पद को अन्य भाषाओं में भी पढ़ें