अब हे मेरे पुत्रों, मेरी सुनो, और मेरी बातों पर मन लगाओ।
24अब हे मेरे पुत्रों, मेरी सुनो, और मेरी बातों पर मन लगाओ।
25तेरा मन ऐसी स्त्री के मार्ग की ओर न फिरे, और उसकी डगरों में भूल कर न जाना;
26क्योंकि बहुत लोग उस से मारे पड़े हैं; उसके घात किए हुओं की एक बड़ी संख्या होगी।
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