तौभी जब जब उनका चिल्लाना उसके कान में पड़ा, तब तब उस ने उनके संकट पर दृष्टि की!
42उनके शत्रुओं ने उन पर अन्धेर किया, और वे उनके हाथ तले दब गए।
44तौभी जब जब उनका चिल्लाना उसके कान में पड़ा, तब तब उस ने उनके संकट पर दृष्टि की!
45और उनके हित अपनी वाचा को स्मरण करके अपनी अपार करूणा के अनुसार तरस खाया,
46औश्र जो उन्हें बन्धुए करके ले गए थे उन सब से उन पर दया कराई।।
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