यशायाह 21:9

और क्या देखता हूं कि मनुष्यों का दल और दो- दो करके सवा चले आ रहे हैं! और वह बोल उठा, गिर पड़ा, बाबुल गिर पड़ा; और उसके देवताओं के सब खुदी हुई मूरतें भूमि पर चकनाचूर कर डाली गई हैं।

प्रसंग सहित पढ़ें · यशायाह 21

7जब वह सवार देखे जो दो- दो करके आते हों, और गदहों और ऊंटों के सवार, तब बहुत ही ध्यान देकर सुने।

8और उस ने सिंह के से शब्द से पुकारा, हे प्रभु मैं दिन भर खड़ा पहरा देता रहा और मैं ने पूरी रातें पहरे पर काटा।

9और क्या देखता हूं कि मनुष्यों का दल और दो- दो करके सवा चले आ रहे हैं! और वह बोल उठा, गिर पड़ा, बाबुल गिर पड़ा; और उसके देवताओं के सब खुदी हुई मूरतें भूमि पर चकनाचूर कर डाली गई हैं।

10हे मेरे दाएं हुए, और मेरे खलिहान के अन्न, जो बातें मैं ने इस्राएल के परमेश्वर सेनाओं के यहोवा से सुनी है, उनको मैं ने तुम्हें जता दिया है।

11दूमा के विषय भारी वचन। सेईर में से कोई मुझे पुकार रहा है, हे पहरूए, रात का क्या समाचार है? हे पहरूए, रात की क्या खबर है?

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