सो तुम मनुष्य से परे रहो जिसकी श्वास उसके नथनों में है, क्योंकि उसका मूल्य है ही क्या?
20उस दिन लोग अपनी चान्दी- सोने की मूरतों को जिन्हें उन्हों ने दण्डवत् करने के लिये बनाया था, छछून्दरों और चमगीदड़ों के आगे फेंकेंगे,
21और जब यहोवा पृथ्वी को कम्पित करने के लिये उठेगा तब वे उसके भय के कारण और उसके प्रताप के मारे चट्टानों की दरारों ओर पहाड़ियों के छेदों में घुसेंगे।
22सो तुम मनुष्य से परे रहो जिसकी श्वास उसके नथनों में है, क्योंकि उसका मूल्य है ही क्या?
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