और हर एक अपने देशवाले को और अपने भाई को यह शिक्षा न देगा, कि तू प्रभु को पहिचान कयोंकि छोटे से बड़े तक सब मुझे जान लेंगे।
11और हर एक अपने देशवाले को और अपने भाई को यह शिक्षा न देगा, कि तू प्रभु को पहिचान कयोंकि छोटे से बड़े तक सब मुझे जान लेंगे।
12क्योंकि मैं उन के अधर्म के विषय मे दयावन्त हूंगा, और उन के पापों को फिर स्मरण न करूंगा।
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