जो दूत मुझ से बातें करता था, उस ने मुझ को उत्तर दिया, क्या तू नहीं जानता कि ये क्या हैं? मैं ने कहा, हे मेरे प्रभु मैं नहीं जानता।
3और दीवट के पास जलपाई के दो वृक्ष हैं, एक उस कटोरे की दहिनी ओर, और दूसरा उसकी बाईं ओर।
4तब मैं ने उस दूत से जो मुझ से बातें करता था, पूछा, हे मेरे प्रभु, ये क्या हैं?
5जो दूत मुझ से बातें करता था, उस ने मुझ को उत्तर दिया, क्या तू नहीं जानता कि ये क्या हैं? मैं ने कहा, हे मेरे प्रभु मैं नहीं जानता।
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