मैं तुम्हारे बीच पाहुन और परदेशी हूं : मुझे अपने मध्य में कब्रिस्तान के लिये ऐसी भूमि दो जो मेरी निज की हो जाए, कि मैं अपने मुर्दे को गाड़के अपने आंख की ओट करूं।
3तब इब्राहीम अपने मुर्दे के पास से उठकर हित्तियों से कहने लगा,
4मैं तुम्हारे बीच पाहुन और परदेशी हूं : मुझे अपने मध्य में कब्रिस्तान के लिये ऐसी भूमि दो जो मेरी निज की हो जाए, कि मैं अपने मुर्दे को गाड़के अपने आंख की ओट करूं।
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