वह नदियों अर्थात् मधु और दही की नदियों को देखने न पाएगा।
15उस ने जो धन निगल लिया है उसे वह फिर उगल देगा; ईश्वर उसे उसके पेट में से निकाल देगा।
16वह नागों का विष चूस लेगा, वह करैत के डसने से मर जाएगा।
17वह नदियों अर्थात् मधु और दही की नदियों को देखने न पाएगा।
19क्योंकि उस ने कंगालों को पीसकर छोड़ दिया, उस ने घर को छीन लिया, उसको वह बढ़ाने न पाएगा।
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