फिर नतीन अर्थत् सीहा की सन्तान, हसूपा की सन्तान, तब्बाओत की सन्तान,
44फिर गवैये ये थे अर्थात् आसाप की सन्तान एक सौ अड़तालीस।
45फिर द्वारपाल ये थे अर्थात् शल्लूम की सन्तान, आतेर की सन्तान, तल्मोन की सन्तान, अक्कूब की सन्तान, हतीता की सन्तान, और शोबै की सन्तान, जो सब मिलकर एक सौ अड़तीस हुए।
46फिर नतीन अर्थत् सीहा की सन्तान, हसूपा की सन्तान, तब्बाओत की सन्तान,
47केरोस की सन्तान, सीआ की सन्तान, पादोन की सन्तान,
48लबाना की सन्तान, हगावा की सन्तान, शल्मै की सन्तान।
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