परमेश्वर ने उसकी आंखे खोल दी, और उसको एक कुंआ दिखाई पड़ा; सो उस ने जाकर थैली को जल से भरकर लड़के को पिलाया।
18उठ, अपने लड़के को उठा और अपने हाथ से सम्भाल क्योंकि मैं उसके द्वारा एक बड़ी जाति बनाऊंगा।
19परमेश्वर ने उसकी आंखे खोल दी, और उसको एक कुंआ दिखाई पड़ा; सो उस ने जाकर थैली को जल से भरकर लड़के को पिलाया।
20और परमेश्वर उस लड़के के साथ रहा; और जब वह बड़ा हुआ, तब जंगल में रहते रहते धनुर्धारी बन गया।
21वह तो पारान नाम जंगल में रहा करता था : और उसकी माता ने उसके लिये मि देश से एक स्त्री मंगवाई।।
इस पद को अन्य भाषाओं में भी पढ़ें