यहेजकेल 4:5

मैं ने उनके अधर्म के बष के तुल्य तेरे लिये दिन ठहराए हैं, अर्थात् तीन सौ नब्बे दिन; उतने दिन तक तू इस्राएल के घराने के अधर्म का भार सहता रह।

प्रसंग सहित पढ़ें · यहेजकेल 4

3तब तू लोहे की थाली लेकर उसको लोहें की शहरपनाह मानकर अपने ओर उस नगर के बीच खड़ा कर; तब अपना मुंह उसके साम्हने करके उसे घेरवा, इस रीति से तू उसे घेर रखना। यह इस्राएल के घराने के लिये चिन्ह ठहरेगा।

4फिर तू अपने बांयें पांजर के बल लेटकर इस्राएल के घराने का अधर्म अपने ऊपर रख; क्योंकि जितने दिन तू उस पांजर के बल लेटा रहेगा, उतने दिन तक उन लोगों के अधर्म का भार सहता रह।

5मैं ने उनके अधर्म के बष के तुल्य तेरे लिये दिन ठहराए हैं, अर्थात् तीन सौ नब्बे दिन; उतने दिन तक तू इस्राएल के घराने के अधर्म का भार सहता रह।

6और जब इतने दिन पूरे हो जाएं, तब अपने दहिने पांजर के बल लेटकर यहूदा के घराने के अधर्म का भार सह लेना; मैं ने उसके लिये भी और तेरे लिये एक वर्ष की सन्ती एक दिन अर्थात् चालीस दिन ठहराए हैं।

7और तू यरूशलेम के घेरने के लिये बांह उघाड़े हुए अपना मुंह उघर करके उसके विरूद्ध भविष्यद्वाणी करना।

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